एम्स ने जारी किया स्मार्ट कार्ड, दिल्ली मेट्रो की तरह पेमेंट भी कैशलेस

एम्स ने अप्रैल तक इस कार्ड के इस्तेमाल शुरू कर पूरी तरह से कैशलेस करने की योजना बनाई है। मरीज के छुट्टी के दौरान अगर कार्ड में पैसा जमा है तो वह उन्हें कार्ड जमा करने के बाद रिफंड मिल जाएगा। यह पूरी करह दिल्ली मेट्रो के कार्ड की तरह काम करेगा।

एम्स ने अपना स्मार्ट कार्ड जारी कर दिया है। अब एम्स में लोग मेट्रो की तर्ज पर कैशलेस पेमेंट कर पाएंगे। एसबीआई एम्स स्मार्ट कार्ड सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एम्स डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास और बैंक के अधिकारियों की मौजूदगी में जारी किया। एम्स के मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक में इस कार्ड का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। अब मरीज यहां पर स्मार्ट कार्ड के जरिए एम्स में अपना पेमेंट कर पाएंगे।

एम्स की मीडिया चेयरपर्सन डॉ. रीमा दादा ने कहा कि अलग-अलग फेज में स्मार्ट कार्ड की शुरुआत की शुरुआत की जाएगी। इससे एम्स में डिजिटल पेमेंट पर बढ़ावा मिलेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। पहले फेज में 12 दिसंबर को एम्स के कैफेटेरिया में लागू कर दिया गया था। दूसरे फेज में मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक में किया गया। एम्स में एडमिट होने वाले सभी मरीजों को यह कार्ड फ्री में जारी किया जाएगा। एम्स के मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक, बेसमेंट और स्टाफ कैफेटेरिया से कार्ड लिया जा सकता है।

एम्स का यह कार्ड यूएचआइडी और आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट नंबर से कनेक्ट होगा। एम्स में इसके लिए काउंटर से यह कार्ड लेने के लिए मरीज को अपना यूएचआइडी नंबर बताना होगा। इस कार्ड को एक्टिव करने के लिए यूएचआइडी से रजिस्टर मोबाइल नंबर पर ओटीपी मिलेगा। यह ओटीपी दर्ज करने पर कार्ड इस्तेमाल के लिए एक्टिव हो जाएगा। मरीज अपने इस कार्ड को टॉपअप सकते हैं और बाद में इलाज के दौरान कहीं पर पैसा देना है तो इस कार्ड के जरिए पेमेंट कर सकते हैं। कार्ड को नकद, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए टॉपअप कराया जा सकता है। एम्स ने अप्रैल तक इस कार्ड के इस्तेमाल शुरू कर पूरी तरह से कैशलेस करने की योजना बनाई है। मरीज के छुट्टी के दौरान अगर कार्ड में पैसा जमा है तो वह उन्हें कार्ड जमा करने के बाद रिफंड मिल जाएगा।

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